शुक्रवार, 15 नवंबर 2019

कृष्ण का सुदामा

खयालों में रंग हों तो
उन्हें दरारों में भर कर
रुपहली कलाकृति 
बनाया जा सकता है ।

बेरंग चटकी ज़मीन को
कृष्ण भाव के गाढ़े
रंगों का महीन दुशाला
ओढ़ाया जा सकता है ।

जो उपेक्षित कोने को
अपनी कलात्मकता की
सांझी सेवा से सजा दे
वही कृष्ण का सुदामा है ।


कलाकृति : श्री कर्ण सिंह पति 

बुधवार, 13 नवंबर 2019

लगन


लगन की 
अनगिनत 
बातियों को 
गूंथ कर
सूरज बना, 
जगत में जो
उजाला लाया ।

जो उजाला
दिन ढले
बेशुमार तारों
और चंद्रमा
को समेटता,
हज़ारों दियों की
टिमटिमाती
लौ बन कर
जगमगाया ।

लगन लग जाए
एक दफ़ा,
तो एक दिया भी
काफ़ी है,
अपने हिस्से की
रोशनी,
जुटाने के लिए ।


बुधवार, 30 अक्टूबर 2019

आए हैं सिया राम




आओ
एक नए दिन का
सहर्ष स्वागत करें ।

आए हैं सिया राम
लंका जीत कर ।
अभिनन्दन करें ।

हम भी अपने-अपने
युद्ध जीतने का
संकल्प करें ।

यथासंभव
प्रसन्न रहने का
प्रयत्न करें ।

दिये की लौ से
तिमिर का
तिलक करें ।

नन्हे दियों सी
छोटी खुशियों का
आनंद संजोएं ।

मर्मभूमि पर हृदय की
सियाराम लिख
वंदन करें ।

आओ जीवन की
विसंगतियों को
त्यौहार में बदल दें ।

आओ आशा के
टिमटिमाते दियों की
झिलमिलाती रोशनी में
अल्पना बन संवर जाएं ।