पथिक,
चलते रहना
तुम्हारी नियति है.
चलते रहना
तुम्हारी नियति है.
पर यदा-कदा
विश्राम करना.
चना-चबैना
जो अपनों ने
साथ बांधा था,
उस पाथेय से भी
न्याय करना.
विश्राम करना.
चना-चबैना
जो अपनों ने
साथ बांधा था,
उस पाथेय से भी
न्याय करना.
छाँव घनी हो
जिस वृक्ष की
उसकी छाया में
कुछ देर बैठना.
अपने पाँव के छाले
देखना और सहलाना.
शीतल बयार की
थपकी पाकर
चैन की नींद
सो जाना.
गहरी नींद में भी
जीवन के कई
प्रश्नों के उत्तर
और समाधान
मिल जाते हैं.
कुछ पल का सुकून
बल देता है अपार,
पथ पर चलते रहने का
करते हुए जीवन का जाप.
बल देता है अपार,
पथ पर चलते रहने का
करते हुए जीवन का जाप.



