कविता तो वो है
जो झकझोर कर
जगा दे ।
जगा दे ।
कविता तो वो है
जो अपना
मंतर चला दे ।
जो अपना
मंतर चला दे ।
कविता तो वो है
जो थपकी देकर
सुला दे ।
जो थपकी देकर
सुला दे ।
कविता तो वो है
जो जीवन को मधुर
रागिनी बना दे ।
जो जीवन को मधुर
रागिनी बना दे ।
कविता तो वो है
जो पाषाण में
प्राण प्रतिष्ठा कर दे ।
जो पाषाण में
प्राण प्रतिष्ठा कर दे ।
नव ग्रह चाँद सितारे
आकाश से टूटते तारे
सबसे मित्रता करा दे ।
आकाश से टूटते तारे
सबसे मित्रता करा दे ।
कविता तो वो है
जो मनचले वक़्त की
नब्ज़ पढ़ना सिखा दे ।
जो मनचले वक़्त की
नब्ज़ पढ़ना सिखा दे ।
कविता तो वो है
जो बहकने पर
हाथ पकड़ कर
रोक ले ।
जो बहकने पर
हाथ पकड़ कर
रोक ले ।
कविता तो वो है
जो डटे रहने का
साहस दे ।
जो डटे रहने का
साहस दे ।
कविता तो वो है
जो संवेदनशील बनाये ।
जो संवेदनशील बनाये ।
कविता तो वो है
जो जीवन
छंद में ढाल दे ।
जो जीवन
छंद में ढाल दे ।
कविता तो वो है
जो ध्रुव तारा बन
पथ प्रशस्त करे ।
जो ध्रुव तारा बन
पथ प्रशस्त करे ।
कविता तो वो है
जो नतमस्तक कर दे ।
जो नतमस्तक कर दे ।
या फिर कविता वो है
जो कंधे पर हाथ रख
घंटों बात समझाए,
और साथ चल दे ।
जो कंधे पर हाथ रख
घंटों बात समझाए,
और साथ चल दे ।


