वो एक जोङी नयनविशाल वर्तुलाकारउनका पावन सम्मोहनपारदर्शी नदी का जलशीतल हुआ ह्रदयतलस्निग्ध चंदन का लेपनवो एक जोङी नयन..वो एक जोङी नयनपट की ओट से गोपनअपलक अवलोकन ।दीपज्योति मध्यम,धूमिल होता अंतर ।सर्वस्व हर लेते तत्क्षणवो एक जोङी नयन ।वो एक जोङी नयनसमाया जिनमें संसारअथाह करुणा अपार ।अश्रु जल बिंदु साकारघुल गया मानो काजलसुदर्शन विस्तार सजलवो एक जोङी नयन ।श्याम भ्रमर विद्यमानगुंजायमान नाद ओंकार ।रथ चक्र की धुरी समानपुतली तुम्हारी घनश्याम ।डिठौना जगत आनन परदैदीप्यमान हे जगन्नाथ !वो एक जोङी नयन ।
बुधवार, 17 जून 2026
वो एक जोङी नयन
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