मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

नूतन वर्ष फले-फूले


फसल कटी है !

खुशी की घङी है !

बहुत दिनों बाद

भूले सुर आए याद !


धन-धान्य से 

भरें भंडार !

खाने को मिले 

पेट भर ।


आज है त्यौहार ।

कल फिर आएगा

बीज बोने किसान ।

शुरु होगा काम ।


अन्न ब्रह्म देवता

रहें श्रम से प्रसन्न ।

वरद हस्त हो

कला साहित्य पर ।


मिट्टी से जुङे रहें ।

फूलों की तरह खिलें ।

अपनों का साथ रहे ।

जो भी हो, खुश रहें ।


6 टिप्‍पणियां:

  1. आमीन! आपकी सभी सदिच्छाओं को मूर्त रूप मिले, यही मंगलकामना है।

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  2. ताज़गी से भरी नई शुरुआत! sundar

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  3. आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 15 अप्रैल 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
    अथ स्वागतम शुभ स्वागतम।

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  4. वाह!! सदिच्छाओं से पूर्ण सुंदर रचना

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  5. बहुत सुन्दर कामनाएँ..,सभी इच्छाएँ फलीभूत हो !हार्दिक अभिनंदन नुपूरं जी !

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