शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

श्रीमान गुलाब


ये गुलाब आपके लिए !

लीजिए भई लीजिए!

कोट पर लगाइए!

या जूङे में सजाइए !

ख़िदमत में हैं आपके !

इनका एहतिराम कीजिए!

ये समझ लीजिए..कि ये

फूलों के सरताज गुलाब हैं !

जीते जी हर गुलदान, 

हर बगीचे की शोभा हैं,

दिलफरेब तोहफ़ा हैं ,

खूबसूरती की मिसाल हैं !

उसके बाद भी कमाल हैं !

इत्र बन कर महकते हैं !

तरी पहुँचाते हैं बन गुलकंद !

इनकी तारीफ़ में शेर पढ़े जाते हैं !

इनके बहाने अफ़साने बुने जाते हैं !

जनाब.. ये गुलाब हैं गुलाब !

तरानों, तस्वीरों, कहानियों-किस्सों में

हर दौर में मुस्कुराते नज़र आते हैं !

पुरानी किताबों के पन्नों के बीच भी

किसी की याद में मिल जाते हैं !

सबके चहेते ये गुलाब हैं गुलाब ! 


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