Sunday, 14 January 2018

पतंग

9 comments:

Dhruv Singh said...

निमंत्रण पत्र :
मंज़िलें और भी हैं ,
आवश्यकता है केवल कारवां बनाने की। मेरा मक़सद है आपको हिंदी ब्लॉग जगत के उन रचनाकारों से परिचित करवाना जिनसे आप सभी अपरिचित अथवा उनकी रचनाओं तक आप सभी की पहुँच नहीं।
ये मेरा प्रयास निरंतर ज़ारी रहेगा ! इसी पावन उद्देश्य के साथ लोकतंत्र संवाद मंच आप सभी गणमान्य पाठकों व रचनाकारों का हृदय से स्वागत करता है नये -पुराने रचनाकारों का संगम 'विशेषांक' में सोमवार १५ जनवरी २०१८ को आप सभी सादर आमंत्रित हैं। धन्यवाद !"एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

noopuram said...

वाह ! बधाई !
धन्यवाद ।

Dhruv Singh said...
This comment has been removed by the author.
Dhruv Singh said...

आदरणीय / आदरणीया आपके द्वारा 'सृजित' रचना ''लोकतंत्र'' संवाद मंच पर 'बुधवार' १७ जनवरी २०१८ को लिंक की गई है। आप सादर आमंत्रित हैं। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

Meena Bhardwaj said...

बहुत सुन्दर .

Ritu Asooja Rishikesh said...

बहुत ख़ूब

शुभा said...

बहुत सुंंदर।

Meena Sharma said...

खूबसूरत पेंटिग के साथ सुंदर संदेश

noopuram said...

A certain amount of opposition is a great help to a man. Kites rise against, not with, the wind.

Lewis Mumford

नमस्ते