रविवार, 3 अप्रैल 2011


फ़र्क

हमेशा ..

कुछ लोग बताएंगे हमेशा
फ़र्क है कितना
मेरे और तुम्हारे बीच में अनचीन्हा 
चटक कर दरार पड़ने जितना .

और कुछ लोग समझाएँगे हमेशा
फ़र्क पड़ता है कितना
सराहने से .. आपस में है जो समानता
चौड़ी दरार को पाटने जितना .

फ़र्क पड़ता है .

एक नज़रिया
दिलों में फ़र्क लाता है .
एक जज़्बा
दिलों का फ़र्क मिटाता है. 




बुधवार, 25 अगस्त 2010



 
जद्दोजहद

मेरी सारी
जद्दोजहद
किसी और की
जगह
लेने के लिए 
नहीं,
अपनी जगह
ख़ुद
बनाने के लिए
है.
 

गुरुवार, 5 अगस्त 2010

विडंबना

आप जिनसे बहुत प्यार करते हैं .
आप जिनकी बलाएँ लेते हैं .
आप जिनका दुःख बांचना चाहते हैं .
आप जिनकी खुशी सहेजना चाहते हैं .
आप जिनके लिए सपने बुनते हैं .
आप जिनको अपना बहुत कुछ मानते हैं ..
.. आपके बच्चे
.. आपके दोस्त
.. आपके अज़ीज़ 

उनके पास ..
आपके बारे में सोचने का,
आपके जज़्बात समझने का,
आपके अनुभव से सीखने का,
आपके ख़यालात जानने का,
आपके साथ रहने का,
आपकी उदासी पढ़ने का,
आपकी बात सुनने का,
आपका हाथ पकड़ कर बैठने का
..

वक़्त ही नहीं होता.  






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