पिता जब तकसाथ होते हैं,उनके होने केबारे मेंकौन सोचता है ?जन्म से ही उनसेश्वास का रिश्ता है ।सब कुछ उनकेहोने से होता है ।जब पिता नहीं रहते ।तब उनका न होना,होने की याद दिलाता है ।घर के हर हिस्से में,किस्से में,अहम फ़ैसलों मेंउनका होनासमझ आता है ।दिल कचोटता है ।काश, और वक्त मिलता..पर समय लौटकर नहीं आता है ।नेमप्लेट बदलने से कोईचला नहीं जाता है ।मन में समा जाता है ।पिता कभी छोङ कर नहीं जाते ।पिता को अपने भीतर जिया जाता है ।
सोमवार, 22 जून 2026
पिता का होना
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