सोमवार, 22 जून 2026

पिता का होना


पिता जब तक 
साथ होते हैं,
उनके होने के 
बारे में
कौन सोचता है ?
जन्म से ही उनसे
श्वास का रिश्ता है ।
सब कुछ उनके 
होने से होता है ।

जब पिता नहीं रहते ।
तब उनका न होना,
होने की याद दिलाता है ।
घर के हर हिस्से में,
किस्से में,
अहम फ़ैसलों में
उनका होना 
समझ आता है ।
दिल कचोटता है ।
काश, और वक्त मिलता..
पर समय लौटकर नहीं आता है ।
नेमप्लेट बदलने से कोई 
चला नहीं जाता है ।
मन में समा जाता है ।
पिता कभी छोङ कर नहीं जाते ।
पिता को अपने भीतर जिया जाता है ।


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