नव संवत्सर चैत्र प्रतिपदा
पूरब में सूरज उदय हुआ
आज अयोध्या में आगमन
सियाराम लखन का पुन:
आरंभ हुआ नवीन अध्याय
संघर्ष और विजय का पर्व
समय की समता का उत्सव
नव चेतना का शुभ पदार्पण
लहराई गुङी जय की ध्वजा
वंदनवार आम्र पत्र की सजा
नीम के फूल-पत्र से अर्चना
कोयल कर रही मधुर वंदना
प्रसाद औषधि समान मिला
नीम से कटु अनुभव पश्चात
गुङ सा मीठा सुख भी मिला
जीवन का स्वाद मिलाजुला
कच्ची अमिया की खटास
दाँत खट्टे करती चुनौतियाँ
उत्साह की नमकीनियत
मिर्च सरीखी तीखी ऊर्जा
इमली सी खट्टी-मीठी याद
जीवन के सारे विरोधाभास
ऋतु परिवर्तन का आभास
प्रासंगिक सदा सभी स्वाद ।
फिर से आरंभ अनुसंधान
जीवन का नूतन अनुष्ठान
विभिन्न रसों का आस्वादन
शुभ सिद्ध हो नव संवत्सर!
सोमवार, 23 मार्च 2026
चैत्र प्रतिपदा अभिनंदन
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