Saturday, 1 October 2016

महालय





आज महालय के दिन माँ दुर्गा को जब देखा ,
बोला आज अदभुत है आपके मुख की आभा !
माँ ने मद्धम मद्धम मुस्कुरा कर आनंद से कहा.. 
जानते नहीं मेरे बेटों ने जो मेरा सिर ऊँचा किया ?
वो हर जवान जो देश की रक्षा में शहीद हुआ ..
वो हर जवान जो देश की सुरक्षा में डटा रहा ..
हर उस जवान ने माँ के दूध का क़र्ज़ अदा किया !
आज माँ दुर्गा में मैंने माँ भारती का दर्शन किया ।




1 comment:

Rekha said...

लाजवाब कविता।

नमस्ते

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