Friday, 17 June 2016

कहो कब बरसोगे घन ?





कहो कब बरसोगे घन ?
कब पावन होगा मन ?



कब बूँदों की ताल पर 
आँगन आँगन झूमेगा ?
कब बावरा होगा मन ?


कब वर्षा को आँचल में भर 
छलकेंगे ताल तलैया ?
कब तृप्त होगा मन ?


कब मिटटी को गूंथेगा जल 
धरती में अंकुर फूटेगा ?
कब कुसुमित होगा मन ?


कब मेघों की गर्जना पर
मयूर पंख फैलाएगा ?
कब थिरकेगा मन ?


कब साँवले आकाश पर 
इंद्रधनुष मुस्काएगा ?
कब बलिहारी जाएगा मन ?


कब कल्पना के खुलेंगे पर 
कवि चित्रकार बन पाएगा ?
कब भावुक होगा मन ?


कहो कब बरसोगे घन ?
कब पावन होगा मन ?



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