Sunday, 12 June 2016

क्या ऐसा नहीं हो सकता ?

तुमने 
दुनिया का 
सबसे बड़ा सच 
सुना दिया -
एक म्यान में 
दो तलवारें 
नहीं सकतीं !

ये बात कोई भी 
नकार नहीं सकता। 
पर क्या 
तुम्हारे मेरे 
दरमियान 
कोई और रिश्ता 
नहीं हो सकता ?

क्या ऐसा 
नहीं हो सकता कि 
हम साथ रहें  
तलवारों की तरह नहीं ,
हम जियें 
फूलों की तरह ,
साथ साथ  
एक ही क्यारी में खिलें ?
एक दूजे के मन में बसें 
खुशबू की तरह  . . 

क्या ऐसा 
नहीं हो सकता ?


1 comment:

Dr. Manas Pratim Das said...

Nice poem Noopur. Keep going!

नमस्ते

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