बिटिया झुमके ले लो !
गुलाबी ठंड में
गुलाबी दुपट्टे संग
खूब फबेंगे तुम पर ।
गुलाब सी खिल उठोगी
बीबी इन्हें पहन कर !
गुलाबी रंग के क्या कहने !
और उस पर गुलाबी झुमके !
चेहरे की रंगत बदल देंगे !
गाल ग़ुलाबी कर देंगे !
जब हौले-हौले हिलेंगे
जी की बतियाँ कह देंगे ।
पहन के तो देखो
फिर चाहे मत लीजो
देखने के भाव ना लगते !
पहने तो फिर ना उतरते !
टूटेंगे तो नए मिलेंगे ।
पर फीके ना पड़ेंगे !
बड़े ग़ज़ब के हैं ये झुमके !
बड़े ग़ज़ब के हैं ये झुमके !
पिया के मन में जा अटकते !
बड़े काम के हैं ये झुमके !
बहरूपिये झुमके !
चाहे पर्स में बांध लो !
चाबी का गुच्छा बना लो !
या परांदे में गूंथ लो !
मेरी बात मानो !
इन्हें रख ही लो !
जब इन्हें पहन कर
किसी के मन भाओगी,
तो भौजी मुझे भी
याद करना !
गुलाबी रंग तो है ही
दुलार और मनुहार का !
खुशियों का शगुन हैं ये ..
जो अब हुए तुम्हारे
गुलाबी झुमके !


