शब्दों में बुने भाव भले लगते हैं । स्याही में घुले संकल्प बल देते हैं ।
समय लेता है करवट हर बरसजैसे मुट्ठी से रेत जाए फिसलहर बीता पल समय का स्पंदनलहर-लहर बहता नदी का जलघूम-फिर कर फिर लौटेगा कलक्षितिज तक नाव अपनी ले चलआगे न पीछे समय के साथ चलअपने बल पर मुकाम हासिल कर
समय लेता है करवट हर बरस
जैसे मुट्ठी से रेत जाए फिसल
हर बीता पल समय का स्पंदन
लहर-लहर बहता नदी का जल
घूम-फिर कर फिर लौटेगा कल
क्षितिज तक नाव अपनी ले चल
आगे न पीछे समय के साथ चल
अपने बल पर मुकाम हासिल कर
शुभकामनाएं नववर्ष पर |
बहुत सुंदर रचना । नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ ।
प्रेरक, सकारात्मक एवं सुंदर रचना।सादर।------जी नमस्ते,आपकी लिखी रचना शुक्रवार २ जनवरी २०२६ के लिए साझा की गयी हैपांच लिंकों का आनंद पर...आप भी सादर आमंत्रित हैं।सादरधन्यवाद।नववर्ष २०२६ मंगलमय हो।
बहुत सुंदर नववर्ष मंगलमय हो
कुछ अपने मन की भी कहिए
शुभकामनाएं नववर्ष पर |
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर रचना । नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ ।
जवाब देंहटाएंप्रेरक, सकारात्मक एवं सुंदर रचना।
जवाब देंहटाएंसादर।
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना शुक्रवार २ जनवरी २०२६ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
नववर्ष २०२६ मंगलमय हो।
बहुत सुंदर नववर्ष मंगलमय हो
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