शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

देर मत करना




देर मत करना ।
बार-बार नहीं देता
यह जीवन मौक़ा
कुछ अच्छा करने का ।

समय नहीं होगा
जब अवसर होगा ।
जब समय होगा
अवसर नहीं होगा ।

ऐसे ही क्रम चलेगा ।
लुकाछिपी खेलेगा
और समय बीत जाएगा ।
पता भी ना चलेगा ।

नित नए भेस धरेगा ।
पैंतरा भी बदलेगा ।
भुलावे में रखेगा ।
समय छलता रहेगा ।

चक्रव्यूह से बचना ।
तुम्हें पड़ेगा सीखना ।
यदि चाहो सच करना
अपना सुंदर सपना ।

अवसर तुम स्वयं रचना ।
संभावना को संभव करना ।
पहला अक्षर तुम लिखना ।
बारहखड़ी पूरी समय करेगा ।

अब देर मत करना ।
बार-बार नहीं देता
यह जीवन मौक़ा
कुछ अच्छा करने का ।

12 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" रविवार 30 दिसम्बर 2018 को साझा की गई है......... http://halchalwith5links.blogspot.in/ पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. धन्यवाद यशोदाजी ।


      देर हो जाने पर जो खोया,
      उस अनुभव से ही समझा,
      पल-पल का मोल है क्या ।

      खो कर वास्तव में सीखा ।
      वक़्त की वाक़ई कद्र करना ।

      जग से जो कहा,
      स्वयं से भी कहा ।
      देर मत करना ।

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (30-12-2018) को "नये साल की दस्तक" (चर्चा अंक-3201) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    उत्तर
    1. धन्यवाद शास्त्रीजी ।
      नए साल की दस्तक में शामिल करने के लिए ।

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  3. उत्तर
    1. रवींद्र जी धन्यवाद ।
      पढ़ते रहिएगा । कुछ कहते रहिएगा ।

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  4. Very Nice.....
    बहुत प्रशंसनीय प्रस्तुति.....
    मेरे ब्लाॅग की नई प्रस्तुति पर आपके विचारों का स्वागत...

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    1. बहुत धन्यवाद ।
      ब्लॉग पर आपका स्वागत है ।
      आपके ब्लॉग पर ज़रूर आएंगे ।
      भेंट होगी ।

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  5. उत्तर
    1. बहुत सहृदय आपकी सराहना ।
      धन्यवाद कुसुम जी ।

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