Friday, 26 January 2018

निराला















एक हुए थे निराला 
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला । 
जिनकी कालजयी रचना, 
राम की शक्ति पूजा, 
शूरवीरों की आराधना, 
अब तक अलख जगाती है ।

एक 
सपूत भारत माता के 
बहादुर सिपाही ये -
कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला । 
जिस शूरवीर ने 
कर दिखाया, 
वास्तव में 
कैसे निभाई जाती है 
राम की शक्ति पूजा । 
कैसे चढ़ाया जाता है 
जीवन का नैवेद्य । 
कैसे संपन्न होती है 
देशभक्ति आराधना । 

   

5 comments:

sourabh chadhar said...

बहुत सुंदर

noopuram said...

जी ।
कविता का सच होना
बहुत सुंदर होता है ।
ऐसी सुंदरता का सृजन करने वालों को कोटि कोटि प्रणाम ।

आपका बहुत बहुत आभार ।
श्री सौरभ चढार ...

Pushpendra Dwivedi said...

वाह बहुत खूब अविस्मरणीय

noopuram said...




धन्यवाद.पुष्पेन्द्र द्विवेदी जी .

सचमुच अविस्मर्णीय अनुभूति थी वह जब कॉर्पोरल निराला की माँ और धर्मपत्नी धीरे - धीरे मंच की और जा रही थीं, अशोक चक्र ग्रहण करने के लिए और फिर जिस तरह उनकी पत्नी बहुत संभाल कर कर प्रशस्ति पत्र हाथों में लेकर लौट रही थीं ...उसी क्षण मन में विचार आया कि जिस निराला ने राम की शक्ति पूजा लिखी थी, उनकी भावना और राम की आराधना का सही मान तो इस निराला और उनके परिवार ने ही रखा .

Dhruv Singh said...

निमंत्रण :

विशेष : आज 'सोमवार' १९ फरवरी २०१८ को 'लोकतंत्र' संवाद मंच ऐसे ही एक व्यक्तित्व से आपका परिचय करवाने जा रहा है जो एक साहित्यिक पत्रिका 'साहित्य सुधा' के संपादक व स्वयं भी एक सशक्त लेखक के रूप में कई कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। वर्तमान में अपनी पत्रिका 'साहित्य सुधा' के माध्यम से नवोदित लेखकों को एक उचित मंच प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। अतः 'लोकतंत्र' संवाद मंच आप सभी का स्वागत करता है। धन्यवाद "एकलव्य" https://loktantrasanvad.blogspot.in/

टीपें : अब "लोकतंत्र" संवाद मंच प्रत्येक 'सोमवार, सप्ताहभर की श्रेष्ठ रचनाओं के साथ आप सभी के समक्ष उपस्थित होगा। रचनाओं के लिंक्स सप्ताहभर मुख्य पृष्ठ पर वाचन हेतु उपलब्ध रहेंगे।

नमस्ते