Tuesday, 24 October 2017

दायित्व




अपने अपने आले में, 
दीपक बन के 
जलते रहें ।

इतना भी बहुत है, 
अंधकार में 
उजाला लाने के लिए । 


2 comments:

Kalaa Shree said...

बहुत खूब क्या कहने

noopuram said...

शुक्रिया ।
हम सब बस कहते ही रहे ।
अब वक़्त है कि कुछ करें ।

नमस्ते