भले आदमी थे
जल्दी चले गए ।
जल्दी चले गए ?
अच्छे चले गए !
जो लंबे रह गए ।
वो पछता रहे !
जल्दी जाने वाले,
अचानक जाने वाले,
कम से कम सोचिए..
खुशफ़हमी में तो गए
कि उनके जाने से
सबके दिल बहुत दुखे ।
जी जाते अगर लंबे
तो सारे भ्रम दूर हो जाते ।
चकनाचूर हो जाते
इरादे अपने अनुभव से
सबको राह दिखाने के ।
अपने स्नेह की फुहार से
घर की फुलवारी सींचने के ।
ज़्यादा टिक जाते अगर ये
आउटडेटेड हो जाते,
पुराने एनटीक रेडियो से,
जो एकदम फ़िट नहीं होते
ज़माने के बदलते दौर में ।
स्टीरियो साउंड के रहते
इनकी खङखङ कौन सुने !
न रखने के न कबाङ में
डालने के पुराने सामान ये ।
पुश्तैनी आरामकुर्सी जैसे
एडजस्ट हो ही नहीं पाते ।
जब देखो तब टकरा जाते ।
दिन भर असहाय बङबङाते
घर में अपना कोना तलाशते
उपेक्षित बङे - बूढे कुटुंब के ।
कुछ ग़लत कहा क्या हमने ?
आंख की किरकिरी बनने से
बच गए जो जल्दी चल दिए,
अकस्मात यूँ ही चलते-चलते ।