अपना रास्ता चुन ही लिया है,
तो पहले पूरी तैयारी करना
उसके बाद ही घर से निकलना ।
रास्ता है भई यानी सबका है ।
देखो कुछ भी हो सकता है ।
हरदम आंख-कान खुले रखना ।
और ठोकर खाने से मत डरना ।
रास्ता है तो ठोकर भी लगेगी ।
बहुत दिनों तक दुखती रहेगी ।
पर डर से चलना मत छोड़ना ।
बस संभल के हर कदम रखना ।
रास्ता है खुला कड़ी धूप तो होगी ।
फेंटा सर पर बांध कर ही निकलना ।
राह में साथ पानी अवश्य रखना ।
और जेब में ज़रूर चवन्नी रखना ।
चवन्नी से आजकल क्या आता है !
बस हृदय अपना आश्वस्त होता है ।
नारायण जपने से ही क्या होता है ?
साधना को नाम का आधार होता है ।


