बुधवार, 16 जनवरी 2019

पतंगबाज़ी


पतंगों भरा खुला आसमान
जैसन खेल का बड़ा मैदान !
नटखट बच्चों-सी सरपट पतंगें
पतंगों से ऊँची उनकी उमंगें !

काली पतंग आगे बढ़ी
पीली झटपट लड़ मरी !
सतरंगी बड़ी नकचढ़ी
तिरंगी उस पर हँस पड़ी !

बैंगनी इठला के उड़ी
भूरी को महँगी पड़ी !
गुलाबी ने पींग भरी
चितकबरी झूल गयी !

दूधिया सरपट दौड़ी
लहरिया लो पिछड़ गई !
नारंगी तो मचल गई
आसमानी झूम चली !

पतंगों की देख अठखेली
सूरज को सूझी ठिठोली,
धूप की दे थपकी गुनगुनी
ठंडी तेज़ हवा चला दी !

पतंगों भरा खुला आसमान
जैसन खेल का बड़ा मैदान !
नटखट बच्चों-सी सरपट पतंगें
पतंगों से ऊँची उनकी उमंगें !

शुक्रवार, 28 दिसंबर 2018

देर मत करना




देर मत करना ।
बार-बार नहीं देता
यह जीवन मौक़ा
कुछ अच्छा करने का ।

समय नहीं होगा
जब अवसर होगा ।
जब समय होगा
अवसर नहीं होगा ।

ऐसे ही क्रम चलेगा ।
लुकाछिपी खेलेगा
और समय बीत जाएगा ।
पता भी ना चलेगा ।

नित नए भेस धरेगा ।
पैंतरा भी बदलेगा ।
भुलावे में रखेगा ।
समय छलता रहेगा ।

चक्रव्यूह से बचना ।
तुम्हें पड़ेगा सीखना ।
यदि चाहो सच करना
अपना सुंदर सपना ।

अवसर तुम स्वयं रचना ।
संभावना को संभव करना ।
पहला अक्षर तुम लिखना ।
बारहखड़ी पूरी समय करेगा ।

अब देर मत करना ।
बार-बार नहीं देता
यह जीवन मौक़ा
कुछ अच्छा करने का ।