नमस्ते namaste
शब्दों में बुने भाव भले लगते हैं । स्याही में घुले संकल्प बल देते हैं ।
सोमवार, 22 फ़रवरी 2010
अभी
बस देर मत करो .
जो करना है -
कर डालो,
अभी .
बस देर मत करो .
जो कहना है -
कह डालो,
अभी .
अभी से अच्छा वक़्त
फिर नहीं आएगा .
जो देना है - समय
इस दम दे कर जायेगा .
बस देर मत करो .
रविवार, 21 फ़रवरी 2010
दृष्टिकोण
ज़रूरी नहीं
कि
हर सवाल का
जवाब मिलेगा .
ना सही .
पर ढूँढ़ते ढूँढ़ते
नया कोई
रास्ता
मिलेगा .
ज़रूर.
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