बुधवार, 22 अप्रैल 2026

धरा की धानी चूनर


चाहिए यदि छाँव घनी शीतल

चैन से सुस्ताने को कुछ पहर ।

सींचने को जङें मिट्टी का कवच

साफ़ जल से हो कुंआ भरा ।


पीने का पानी हो सर्वत्र पर्याप्त 

भरे हों ताल-तलैया, जलाशय 

नील सरोवर में खिले हों कमल ।

पुष्प नहीं तो औषधीय शैवाल।


समय पर हो बारिश और घाम

मध्य खिले वसंत फिर पतझङ

शरद और शिशिर ऋतु आए,

तो एकजुट हो करें वृक्षारोपण।


चाहे किसी अपने की स्मृति में 

उसकी पसंद का वृक्ष लगाएँ।

या पेङों का साया सर पर रहे,

इसलिए छायादार वृक्ष लगाएँ।


बीज हरियाली का बोएँ और सींचें

धरा की धानी चूनर धनक हो जाए ।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कुछ अपने मन की भी कहिए