नमस्ते namaste
शब्दों में बुने भाव भले लगते हैं । स्याही में घुले संकल्प बल देते हैं ।
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Impressions
मयूरपंखी स्मृतिचिन्ह
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रविवार, 5 जुलाई 2026
धूप ने छाँह कमाई
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सूरज की रोशनी और परछाइयों के बीच कहीं ज़िंदगी ने जगह बनाई । धूप-छाँव की जुगलबंदी वक्त की तर्ज पर रची गई ज़हन में पहरों गूँजती र...
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सोमवार, 22 जून 2026
पिता का होना
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पिता जब तक साथ होते हैं, उनके होने के बारे में कौन सोचता है ? जन्म से ही उनसे श्वास का रिश्ता है । सब कुछ उनके होने से होता ह...
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रविवार, 21 जून 2026
क्या तुमने सुना ?
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जीवन का आलाप ही संगीत कहलाया होगा । जब नवजात शिशु का रोना भी मधुर स्वरालाप था माँ और पिता के लिए। तब से ही हर ध्वनि में संगीत स...
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