नमस्ते namaste
शब्दों में बुने भाव भले लगते हैं । स्याही में घुले संकल्प बल देते हैं ।
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Impressions
मयूरपंखी स्मृतिचिन्ह
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सोमवार, 22 जून 2026
पिता का होना
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पिता जब तक साथ होते हैं, उनके होने के बारे में कौन सोचता है ? जन्म से ही उनसे श्वास का रिश्ता है । सब कुछ उनके होने से होता ह...
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रविवार, 21 जून 2026
क्या तुमने सुना ?
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जीवन का आलाप ही संगीत कहलाया होगा । जब नवजात शिशु का रोना भी मधुर स्वरालाप था माँ और पिता के लिए। तब से ही हर ध्वनि में संगीत स...
3 टिप्पणियां:
गुरुवार, 18 जून 2026
गाँठ बाँध ली बात
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बरस दर बरस गाँठ बाँध ली हर वो बात जो थी सहज, सरस, ह्वदय के निकट, या इसके विपरीत छीन ले गई सब सुख-चैन, और कर गई हठात, मर्म पर कुठ...
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