नमस्ते namaste
शब्दों में बुने भाव भले लगते हैं । स्याही में घुले संकल्प बल देते हैं ।
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Impressions
मयूरपंखी स्मृतिचिन्ह
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बुधवार, 11 फ़रवरी 2026
धरा की आत्मजा सिया
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माँ जानकी सीता का स्मरण बारंबार मुझ में बो दे धैर्य और पावन संस्कार माँ को नित यही प्रार्थना करते देखा जब बालक ने तो उत्सुकतावश...
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रविवार, 1 फ़रवरी 2026
लौट आना गौरैया का
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आ रही थी बहुत याद गौरैया की, दिन भर आसपास चहचहाने की । चुगती थी दाना, तुलसी की मंजरी, मिट्टी के बरतन से पीती थी पानी । छपाक-छपाक...
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शनिवार, 24 जनवरी 2026
सरस्वती पूजा
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बचपन में कहती थी नानी सरस्वती पूजा की कहानी पीले वस्त्र पीले फूलों की, पीले नैवेद्य की पीली थाली पर देवी जिनकी पूजा होती पहनें श...
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