नमस्ते namaste
शब्दों में बुने भाव भले लगते हैं । स्याही में घुले संकल्प बल देते हैं ।
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Impressions
मयूरपंखी स्मृतिचिन्ह
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मंगलवार, 14 अप्रैल 2026
नूतन वर्ष फले-फूले
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फसल कटी है ! खुशी की घङी है ! बहुत दिनों बाद भूले सुर आए याद ! धन-धान्य से भरें भंडार ! खाने को मिले पेट भर । आज है त्यौहार । ...
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शनिवार, 11 अप्रैल 2026
झूमर तले
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दिन जैसे जैसे खूब तपने लगे फूलों के रंग चटख होने लगे झूमर से झूमते अमलतास फूले रास्तों के किनारे सोनमोहर बिछे छज्जे-छज्जे पर बोग...
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बुधवार, 8 अप्रैल 2026
अपने कर्म ही
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अपने कर्म ही भाग्य सँवारते हैं । अपने कर्म ही आङे आते हैं । अपने कर्म ही दाँव लगाते हैं । अपने कर्म ही खूब पछाङते हैं । अपने कर्...
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