नमस्ते namaste
शब्दों में बुने भाव भले लगते हैं । स्याही में घुले संकल्प बल देते हैं ।
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Impressions
मयूरपंखी स्मृतिचिन्ह
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शनिवार, 15 नवंबर 2025
पेंसिल
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बच्चे किताबें पढ़ें, अच्छी किताबें गुनें, नई-नई बातें सीखें। कल्पना के पर तोलें, सारा आकाश नापें, नभ से धरती को देखें । खेलें-कू...
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शुक्रवार, 7 नवंबर 2025
उन बातों का क्या ?
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उन बातों का क्या ? जो तुमने कहनी चाहीं, जो हमने सुननी चाहीं, पर ऐसा हो ना पाया । क्या शब्दों में ही बात कही जा सकती है ? अभिव्यक...
5 टिप्पणियां:
बुधवार, 5 नवंबर 2025
झिलमिल हिलमिल दीपशिखा
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मतवाला जो निकल पङा है सुख-दुख बाँटने जग भर का, कभी कम न हो उसके पथ का आलोक मार्ग दिखाने वाला ! सुख-दुख का जब हो प्रतिदान मन रखना...
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