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गुरुवार, 1 जनवरी 2026

समय के साथ चल


समय लेता है करवट हर बरस

जैसे मुट्ठी से रेत जाए फिसल


हर बीता पल समय का स्पंदन

लहर-लहर बहता नदी का जल


घूम-फिर कर फिर लौटेगा कल

क्षितिज तक नाव अपनी ले चल


आगे न पीछे समय के साथ चल

अपने बल पर मुकाम हासिल कर

 

 

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर रचना । नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

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  2. प्रेरक, सकारात्मक एवं सुंदर रचना।
    सादर।
    ------
    जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना शुक्रवार २ जनवरी २०२६ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

    नववर्ष २०२६ मंगलमय हो।

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर नववर्ष मंगलमय हो

    जवाब देंहटाएं

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